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Friday, April 17, 2020

मक्के से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें




01)  मक्के का वैज्ञानिक नाम "जिया मेज" है।

02) मक्का "पोएसी" कुल का पौधा है।

03) मक्का में 16% #प्रोटीन पाया जाता हैं

04) मक्का में 78.9% #कार्बोहाइड्रेड पाया जाता है ।

05) विश्व में सबसे ज्यादा मक्का की खेती यू. एस. ए. में की जाती हैं।

06) भारत में मक्का 6.6 मिलियन हैक्टेयर भूमि पर की जाती हैं।

07) मक्के की कहे क्षे० के हिसाब से #यूपी में होता हैं

08) भारत में मक्का का कुल उत्पादन 12 मिलियन टन होता हैं।

09) यूपी के #फ़ैजाबाद मंडल में सबसे ज्यादा क्षे० में मक्का की खेती हिती है।

10) यूपी के #बहराइच जिले में मक्के का उत्पादन सबसे ज्यादा होता हैं।

11) मक्का #ग्रीष्मकालीन फसल है।

12) मक्का की समुद्र तल से 3000 मी0 ऊँचाई तक उगाया जा सकता है।

13) मक्का की सभी अवस्थाओं #तापमान 25℃ के आसपास होना चाहिए।

14) मक्का की #वृद्धि के समय 60 - 70% आपेक्षित आद्रता होनी चाहिये।

15) मक्का के अच्छे अंकुरण के लिए 18℃ से कम तापमान नही होना चाहिये।

16) मक्के की अच्छी पैदावार के लिए उपजाऊ दोमट मिटटी सर्वोत्तम होती हैं।

17) मक्के की खेती के लिए मृदा का पीएच मान 6 से 7 तक होनी चाहिये।

18) संकर। मक्का की बुआई के लिए 20 से 25 किग्रा/है० बीज की आवश्यकता होती हैं।

19) संकुल मक्के की बीज दर 16 से 18 किग्रा प्रति हेक्टेयर होती हैं।

20) चारे के लिए मक्के की बीज दर 40 से 45Kg प्रति हैक्टेयर होती हैं।

21) मक्के की बुआई 3.5 - 5.0 सेमि० की गहराई पर करनी चाहिए।

22) मक्के की प्रति हैक्टेयर पौधों की लगभग संख्या 75000 होती हैं।

23) मक्के की बुआई के समय पौध अंतरण 60×25 सेमी० रखनी चाहिए।

24) मक्के की देशी प्रजातियों की बुआई के समय बीज अन्तरण 45×20 सेमी० रखनी चाहिए।

25) उत्तरी भारत में मक्के की बुआई 15 जून से जुलाई के प्रारंभ तक करते हैं।

26) संकर मक्का में एन० पी० के० की प्रति हैक्टेयर मात्रा 120, 60, 60 किग्रा० देना चाहिए।

27) संकुल मक्का में N.P.K. की कुल मात्रा 80, 40, 40 किग्रा/हैक्टेयर की दर से देनी चाहिए।

28) मक्के की देशी प्रजातियों में NPK की कुल मात्रा 60, 30, 30 kg/है० की दर से देनी चाहिए।

29) चारे के लिए बोई गई मक्के की फसल 60 से 65 दिनों में तैयार हो जाती हैं।

30) दाने के लिए एक बोई जाने वाली मक्का की देशी किस्मे 75 से 80 दिनों में तैयार हो जाती हैं।

31) मक्के की संकर प्रजाति 100 से 105 दिनों में तैयार हो जाती हैं।

32) मक्का की संकुल प्रजातियां 80 से 85 दिनों में तैयार हो जाती हैं।

33) मक्के के दानों में नमी की मात्रा 25% रह जाने पर ही मक्के की कटाई करनी चाहिए।

34) मक्के में नमी की मात्रा 15% रहने पर ही मक्के की मड़ाई करनी चाहिए।

35) मक्के के देशी किस्मो की कुल उपज क्षमता 10 से 15 कुंतल प्रति हैक्टेयर होती हैं।

36) मक्के के संकर किस्मो की कुल उपज क्षमता 40 से 45 कुंतल प्रति हैक्टेयर होती हैं।

37) मक्के के संकुल किस्मो की कुल उपज क्षमता 35 से 40 कुंतल प्रति हैक्टेयर होती हैं।

38) भुट्टे के लिए उगाई जाने वाली फसल से औसतन 5075 भुट्टे प्रति हैक्टेयर प्राप्त होते है।

39) चारे के लिए उगाई जाने वाली मक्के की फसल से लगभग 200 से 250 कुंतल प्रति हैक्टेयर हरा चारा प्राप्त हो जाता हैं।

Thursday, October 25, 2018

जहरीली खेती से फैल रही हैं बीमारियां ।


आज की कृषि पूर्ण रूप से जहरीली हो चुकी है। अंधाधुंध कीटनाशकों का प्रयोग एक तरफ भूमि की उर्वरकता को नष्ट कर रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उपभोक्ता पैसे देकर जहर खरीद रहा है। जानलेवा बीमारियां जैसे हार्ट अटैक, कैंसर, दस्त, उल्टियां, अपच कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग का ही नतीजा है। एक तरफ आज की युवा पीढ़ी कृषि से अपना मुंह मोड़ रही है, वहीं औद्योगिकीकरण, विकासशील गतिविधियों तथा बढ़ती जनसंख्या भूमि को सिकोड़ रही है। ऐसी परिस्थिति में जिस बची-खुची भूमि पर खेती हो रही है, वह पूर्ण रूप से विषैली हो चुकी है। कभी मौसम की मार, कभी बीज व अन्य कृषि उपकरणों के अभाव से किसान पिसता रहता है।
ऐसे में कृषि व्यवस्था को अपनाना घाटे का सौदा बन गया है। यही कारण है कि युवा पीढ़ी कृषि से हट कर महज चंद रुपए के लिए नौकरी करने को मजबूर हो गई है। गर्त में जाती कृषि व्यवस्था को बचाने का एकमात्र उपाय जीरो बजट आर्गेनिक खेती ही हो सकती है। जैविक खेती बिना कोई धन खर्च करके की जा सकती है। किसानों को देशी गउओं के गोबर और गोमूत्र का प्रयोग कीटनाशकों और खाद के रूप में करके, महंगे व हानिकारक कीटनाशकों पर पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। गोमूत्र में जहरीले पौधे खासकर नीम का प्रयोग करके फसलों की गुणवत्ता को बरकरार रखा जा सकता है।

Thursday, October 11, 2018

आईएसआई निर्धारित पशु आहार के मानक


आईएसआई निर्धारित पशु आहार के मानक
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क्रम सं       %मात्रा                    अवयव 
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1)             20-21                  प्रोटीन
2)             2.5-3                   चिकनाई
3)             1.00                    कैल्शियम
4)             0.5                      फास्फोरस
5)             4. 00                   सेड सिलिका
6)             12.00                  फाइबर
7)             3.00                    खनिज लवण
8)             5000 IU/KG      विटामिन ए /डी
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